फर्जी ऐप और सैलरी कैलकुलेशन के नाम पर हो रही ठगी, पुलिस ने जारी की चेतावनी
रेवाड़ी में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने विशेष चेतावनी जारी की है। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि इन दिनों साइबर अपराधी खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों के मोबाइल फोन हैक कर रहे हैं और उनके बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, ठग “8वें वेतन आयोग” से जुड़ी सैलरी कैलकुलेशन का झांसा देकर लोगों को फर्जी लिंक और APK फाइल भेज रहे हैं। इन फाइलों को डाउनलोड करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता है और उसमें मौजूद निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और ओटीपी तक अपराधियों के पास पहुंच जाते हैं।
एसपी ने बताया कि कई मामलों में देखा गया है कि लोग बिना जांचे-परखे ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे वे ठगी का शिकार हो जाते हैं। खासकर सरकारी कर्मचारी, जिन्हें वेतन और भत्तों से जुड़ी जानकारी की जरूरत होती है, इस तरह के झांसे में जल्दी आ जाते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान स्रोत से आई APK फाइल को डाउनलोड न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। इसके अलावा, अपने मोबाइल में केवल आधिकारिक ऐप ही इंस्टॉल करें और समय-समय पर सुरक्षा अपडेट करते रहें।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह का कोई मैसेज या कॉल प्राप्त होता है, तो तुरंत इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। जागरूकता ही इस तरह के अपराधों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब साइबर ठग लगातार तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी हो गई है।
![]()











