परिणाम के बोझ तले टूटा भविष्य: मेहनत और उम्मीदों की कहानी का दुखद अंत

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Rewari News

परीक्षा से जुड़े तनाव ने छीनी जान, परिवार के सपनों पर लगा विराम

हरियाणा के रेवाड़ी जिले से एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा दबाव और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगी परीक्षा की उत्तर-कुंजी सामने आने के बाद एक युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। यह युवक इंजीनियर बनने का सपना संजोए हुए था और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद में दिन-रात मेहनत कर रहा था।

परिजनों के अनुसार, वह लंबे समय से प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसका मानना था कि इंजीनियर बनकर वह घर की जिम्मेदारियां संभालेगा और माता-पिता के संघर्ष को कम करेगा। उत्तर-कुंजी जारी होने के बाद वह काफी परेशान नजर आया। उसने परिवार से ज्यादा बात नहीं की और खुद को कमरे में बंद कर लिया। कुछ समय बाद परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया।

बताया गया कि युवक ने एक कागज पर “गुडबॉय” लिखकर छोड़ा था, जिससे साफ झलकता है कि वह अंदर ही अंदर गहरे तनाव से गुजर रहा था। परिजन बताते हैं कि वह शांत स्वभाव का था और पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर रहता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि परीक्षा से जुड़ा तनाव उसे इस हद तक तोड़ देगा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव कई बार युवाओं पर भारी पड़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अंकों और रैंक को जीवन का पैमाना मानने की सोच बदलने की जरूरत है। परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज को मिलकर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा, ताकि सपनों के टूटने से जिंदगी ही खत्म न हो।

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