लंबे समय तक चलता रहा खेल, स्टेटमेंट देखने पर हुआ खुलासा
रोहतक में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के मोबाइल को हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 71 हजार रुपये निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम एक दिन में नहीं, बल्कि करीब तीन महीनों तक चलता रहा और पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने गूगल-पे जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कई बार ट्रांजैक्शन किए। पीड़ित को तब इस ठगी का पता चला जब उसने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट चेक किया। लगातार छोटी-छोटी रकम के ट्रांजैक्शन देखकर उसे शक हुआ और मामले की जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोबाइल फोन की सुरक्षा में किसी तरह की कमी का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की। संभव है कि किसी फर्जी लिंक, ऐप या मैलवेयर के जरिए फोन तक पहुंच बनाई गई हो, जिससे बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर ली गईं।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने साइबर अपराध के तहत केस दर्ज कर लिया है और ट्रांजैक्शन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही, संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म और बैंक से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और समय-समय पर अपने बैंक खाते की जांच करते रहें।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि डिजिटल युग में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है। सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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