रोहतक में जीवन बचाने की पहल, फिर तैयार होगा विशेष मार्ग

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Rohtak PGI

हरियाणा के Rohtak स्थित PGIMS Rohtak में आज एक बार फिर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। यह पिछले तीन दिनों में दूसरी बार है जब अंगदान के लिए इस तरह की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, एक मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया गया है, जिसके बाद उसके परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अंगदान के लिए सहमति दी है। इसके चलते अस्पताल प्रशासन ने अंगों को सुरक्षित और तेजी से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है।

अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में SOTTO Haryana को भी पत्र भेजा है, ताकि आगे की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा किया जा सके। सोटो की निगरानी में अंगों का आवंटन और ट्रांसपोर्टेशन किया जाएगा।

ग्रीन कॉरिडोर के तहत सड़कों को कुछ समय के लिए खाली कराया जाता है, जिससे एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के तेज गति से निर्धारित स्थान तक पहुंच सके। इस प्रक्रिया के जरिए कई बार गंभीर मरीजों को समय पर अंग मिल पाते हैं, जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।

इस पहल से एक बार फिर यह साबित होता है कि अंगदान के जरिए कई जिंदगियों को नया जीवन दिया जा सकता है। डॉक्टरों और प्रशासन की टीम इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

लगातार हो रहे ऐसे प्रयास न केवल चिकित्सा क्षेत्र में जागरूकता बढ़ा रहे हैं, बल्कि समाज में भी अंगदान के प्रति सकारात्मक संदेश दे रहे हैं।

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