फोन सर्वे के जरिए परखी जा रही SAD-BJP की जोड़ी: दो सवालों में पूछा जा रहा गठबंधन सही या नहीं
पंजाब की राजनीति में एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संभावित गठजोड़ को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रदेशभर में एक फोन सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें आम लोगों से सीधे तौर पर इस गठबंधन पर उनकी राय पूछी जा रही है। सर्वे के दौरान कॉल कर केवल दो अहम सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनके जवाब आने वाले राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, सर्वे में पहला सवाल यह है कि क्या SAD और BJP का दोबारा गठबंधन करना सही फैसला होगा। दूसरा सवाल मतदाताओं की पसंद से जुड़ा है, जिसमें पूछा जा रहा है कि यदि गठबंधन होता है तो वे अपना वोट किस पार्टी या गठबंधन को देंगे। यह सर्वे न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं तक भी पहुंच रहा है, जिससे व्यापक फीडबैक जुटाने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह कवायद आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है। SAD और BJP के बीच पहले भी लंबे समय तक गठबंधन रहा है, लेकिन कुछ वर्षों पहले दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। अब बदलते राजनीतिक हालात और विपक्षी दलों की मजबूती को देखते हुए दोनों दलों के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस बीच पंजाब की राजनीति के दिग्गज नेताओं ने भी अपने-अपने संकेत देने शुरू कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ पहले ही गठजोड़ के पक्ष में अपनी राय जता चुके हैं। उनके बयानों से यह साफ झलकता है कि बीजेपी के भीतर इस गठबंधन को लेकर सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सर्वे केवल राय जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए जमीनी सच्चाई का आकलन कर भविष्य की रणनीति तैयार की जा रही है। यदि सर्वे के नतीजे पक्ष में आते हैं, तो SAD-BJP गठबंधन को औपचारिक रूप मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है। वहीं, जनता की नकारात्मक प्रतिक्रिया गठबंधन की राह में बड़ी बाधा बन सकती है।
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