सरला मेमोरियल कन्या महाविद्यालय में गरिमामय ढंग से मनाया गया उपमंडल स्तरीय संविधान दिवस

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छात्राओं ने प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर संविधान मूल्यों के संरक्षण का लिया संकल्प

सफीदों (एस• के• मित्तल) : एसडीएम पुलकित मल्होत्रा के निर्देशानुसार स्थानीय सरला मेमोरियल राजकीय कन्या महाविद्यालय में बुधवार को उपमंडल स्तरीय संविधान दिवस बड़े ही गरिमामय और अनुशासित माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को भारतीय संविधान के मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ से हुई। छात्राओं और स्टाफ ने पूरे सम्मान के साथ प्रस्तावना का पठान कर संवैधानिक आदर्शों के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई। इसके बाद छात्राओं को संविधान दिवस के महत्व और भारत के लोकतांत्रिक इतिहास से अवगत कराया गया।
मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. विकास लाठर ने कहा कि 26 नवम्बर 1949 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर है, जब संविधान सभा ने संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया था। उन्होंने बताया कि संविधान निर्माण की प्रक्रिया अत्यंत विस्तृत और विचार-विमर्श से भरी रही, जो लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 11 सत्रों के बाद पूरी हुई। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान को कानूनी मजबूती और सामाजिक न्याय की दृष्टि से अद्वितीय आधार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ शासन का ढांचा नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता, न्याय और नागरिक अधिकारों की गारंटी है। यही कारण है कि 26 नवम्बर को संविधान की प्रस्तावना को अंगीकृत किया गया और भारत को संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। यह दिन लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक है और नागरिकों को संविधान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इसे संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में छात्राओं की भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की महत्ता और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर प्रभावी विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता ने छात्राओं की तर्कशीलता और अभिव्यक्ति क्षमता को उजागर किया। इसके अलावा संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा, डॉ. अंबेडकर की भूमिका और संविधान की मूल भावना पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिससे छात्राओं को संवैधानिक प्रक्रिया की गहन समझ प्राप्त हुई।
महाविद्यालय के प्रिंसिपल सत्यवान मलिक, प्रो. सुष्मना चोपड़ा, डॉ. तेजबीर सैनी, प्रो. सीमा गुप्ता, नीलम, गीता और सविता सहित सभी शिक्षक एवं गैर-शिक्षक स्टाफ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का समापन संविधान मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ।

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