सफीदों आगजनी के पीड़ितों से मिले देवीदास वाल्मीकि

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Safidon fire incident

कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार व प्रशासन को दिया अल्टीमेटम 

सफीदों (एस• के• मित्तल) : सफीदों में हुई दर्दनाक आगजनी की घटना को लेकर समाज में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में डीएससी समाज के अध्यक्ष देवीदास वाल्मीकि मंगलवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने आग में जान गंवाने वाली महिलाओं के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने परिवारों के दर्द को महसूस करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की बड़ी विफलता का उदाहरण है। देवीदास वाल्मीकि ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस भीषण घटना में जिन महिलाओं की जान गई है, उनके परिवारों को कम से कम 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में सरकार का कर्तव्य है कि वह पीड़ितों के साथ खड़ी नजर आए, लेकिन दुर्भाग्य से 10 दिन बीत जाने के बाद भी न तो किसी प्रकार की आर्थिक सहायता दी गई है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचा है। उन्होंने सरकार पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक सीएम ने घटनास्थल का दौरा नहीं किया है। इससे पीड़ित परिवारों को यह संदेश जा रहा है कि उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सफीदों में अब तक 12 महिलाओं की मौत हो चुकी है लेकिन हरियाणा महिला आयोग ने अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है। हालांकि आयोग के पास सींगर बादशाह के गीत के मामले में संज्ञान लेने का समय है लेकिन 12 महिलाओं की मौत पर संज्ञान लेने का आयोग के पास समय नहीं है। इस मौके पर उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले 10 दिनों के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो समाज को कड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान सुनील गहलावत, रिंकू धानियां, अमन टांक, जयकिशन जांगड़ा, हरिमोहन नागर और सतबीर लडवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

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