सफीदों अग्निकांड में मृतक परिवारों को मुआवजे के चेक देने पहुंचा प्रशासन

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Safidon fire incident

नाराज पीड़ित परिवार चेक लिए बिना वापिस लौटे, प्रशासन के हाथ-पांव फूले

सीएम नायब सैनी से मुलाकात करने पर अड़े परिजन

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों फैक्ट्री अग्निकांड के 24 दिन बीत जाने के बाद मंगलवार को नगर के रैस्ट हाउस में डीसी जींद मोहम्मद इमरान रजा मृतक 12 महिलाओं परिवारों को चेक वितरित करने के लिए पहुंचे। इस मौके पर सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम के अलावा एडीसी प्रदीप कौशिक, एसडीएम पुलकित मल्होत्रा व डीएसपी गौरव शर्मा भी उपस्थित रहे। इस चेक वितरण के लिए प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के पास जाने की बजाए उन्हे नगर के रैस्ट हाऊस में बुलाया। बुलावे पर पीड़ित परिवारों के काफी लोग विश्राम गृह पहुंचे। उसके बाद रैस्ट हाऊस के अंदर विधायक, प्रशासन व पीड़ित परिवारों के बीच काफी लंबी वार्तालाप हुई। इस दौरान किसी अन्य को रैस्ट हाऊस में जाने की इजाजत नहीं थी। काफी लंबी चली वार्ता के बाद पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से चेक लेने से साफ मना कर दिया। प्रशासन पीड़ित परिवारों को संतुष्ट करने में कहीं ना कहीं असमर्थ नजर आया और परिवार मायूस होकर के वापस लौट गए। इस दौरान कई महिलाओं की तबीयत भी खराब हो गई। जिन्हे उनके परिवार के लोग जल्दबाजी में बाइक पर बैठाकर घर पर ले गए। परिवार के लोगों का आरोप था कि पुलिस प्रशासन द्वारा फैक्ट्री के मालिकों के खिलाफ गंभीर धाराएं नहीं लगाई गई, जिसके कारण उनमें से कुछ को जल्द ही जमानत मिल गई और वे सरेआम घूम रहे हैं। इसके अलावा इस मामले की गहनता से जांच नहीं हुई और उन्हे समुचित न्याय नहीं मिला। उन्होंने मांग रखी कि वे इस मामले में सीधे सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे। प्रशासन पर उनको भरोसा नहीं है। वे सीएम से डायरेक्ट मिलकर अपनी मांगे रखेंगे। वहीं पीड़ित परिवारों ने विधायक रामकुमार गौतम के रवैये पर भी सवाल उठाए। परिवारों के मना करने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और प्रशासन ने परिवारों को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन परिवार वापिस लौट गए। गौरतलब है कि 7 मार्च को सफीदों गीता कॉलोनी में एक फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी जिसमें 16 महिलाएं काम कर रही थी। 16 महिलाओं में से 3 महिलाओं ने छत से कूदकर अपनी जान बचाई और 12 महिलाओं की कुछ दिनों के बाद मौत हो गई। फिलहाल एक महिला रोहतक पीजीआई में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

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क्या कहते हैं डीसी
इस मामले में डीसी मोहम्मद इमरान रजा का कहना है कि पीड़ित परिवारों के मुआवजा राशी के चेक आए हुए है। पीड़ित परिवारों से मुआवजा राशी के चेक लेने का अनुरोध किया गया है। वहीं यह भी आश्वासन दिया गया है कि उनकी अन्य मांगों को सीएम के सम्मुख रखा जाएगा।

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