बारदाना, फसल खरीद, उठान व भुगतान की विस्तृत समीक्षा की
राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध: श्याम सिंह राणा
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सफीदों मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान डीएमसी सुरेंद्र दून, एसडीएम पुलकित मल्होत्रा, एसडीएम रंमीत यादव, जीएम रोडवेज राहुल जैन, डीएसपी गौरव शर्मा, उप कृषि निदेशक गिरीश नागपाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण करते हुए कृषि मंत्री ने बारदाना, फसल खरीद, उठान, भुगतान और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन किसानों की फसलों का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उनके नाम, पता और आढ़ती की जानकारी लेकर तहसीलदार से तुरंत वेरिफिकेशन करवाया जाए, ताकि उनकी फसल की खरीद में कोई देरी न हो। कृषि मंत्री ने रबी खरीद सीजन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंडियों में फसल की खरीद, उठान और भुगतान प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाले हर किसान की समस्या का मौके पर ही समाधान किया जाए और किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में बाधा न आए।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकार किसानों का दाना-दाना खरीदेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडी गेट पर किसी भी किसान को वापस नहीं भेजा जाएगा और एंट्री वेरिफिकेशन तुरंत सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रबी खरीद सीजन 2026-27 में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नई तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इनमें मंडी के प्रवेश द्वार पर वाहन की फोटो, बायोमीट्रिक सिस्टम, जियो-टैगिंग और अन्य डिजिटल उपाय शामिल हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्थाओं को लागू करने में शुरुआत में थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन ये बदलाव लंबे समय में किसानों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इसका विरोध हुआ, लेकिन आज यह किसानों के लिए बेहद लाभकारी व्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडी गेट पर केवल फोटो ली जाएगी, जबकि अन्य प्रक्रियाएं जैसे बायोमेट्रिक आदि फसल की ढेरी पर ही पूरी की जाएंगी। किसान इसके लिए तीन लोगों को अधिकृत कर सकता है। इससे मंडी गेट पर भीड़ कम होगी और प्रक्रिया सुगम बनेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकार किसानों का दाना-दाना खरीदेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडी गेट पर किसी भी किसान को वापस नहीं भेजा जाएगा और एंट्री वेरिफिकेशन तुरंत सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रबी खरीद सीजन 2026-27 में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नई तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इनमें मंडी के प्रवेश द्वार पर वाहन की फोटो, बायोमीट्रिक सिस्टम, जियो-टैगिंग और अन्य डिजिटल उपाय शामिल हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्थाओं को लागू करने में शुरुआत में थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन ये बदलाव लंबे समय में किसानों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इसका विरोध हुआ, लेकिन आज यह किसानों के लिए बेहद लाभकारी व्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडी गेट पर केवल फोटो ली जाएगी, जबकि अन्य प्रक्रियाएं जैसे बायोमेट्रिक आदि फसल की ढेरी पर ही पूरी की जाएंगी। किसान इसके लिए तीन लोगों को अधिकृत कर सकता है। इससे मंडी गेट पर भीड़ कम होगी और प्रक्रिया सुगम बनेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। ![]()











