शंकराचार्य के अपमान के विरोध में गरजे सनातनी

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Safidon meeting

जगद्गुरु शंकराचार्य सम्मान समिति ने जताया तीखा आक्रोश

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के फ्यूजन होटल में जगद्गुरु शंकराचार्य सम्मान समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने की। बैठक में प्रयागराज माघ मेले के दौरान श्री ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज तथा उनके शिष्यों और अनुयायियों के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि शंकराचार्य के सम्मान की रक्षा की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शंकराचार्य और बटुक ब्राह्मणों के साथ किया गया व्यवहार अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और सनातन परंपराओं के विरुद्ध है। अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा स्नान के लिए जाते समय शंकराचार्य और उनके अनुयायियों के साथ उत्तर प्रदेश की तथाकथित हिंदूवादी सरकार के संरक्षण में जो व्यवहार किया गया, उससे न केवल संत समाज बल्कि आम जनमानस में भी गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सनातन धर्म की जीवंत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रतीक हैं। प्रयागराज जैसे तीर्थराज, जहां ज्ञान, तप और संस्कृति की त्रिवेणी बहती है, वहां इस प्रकार का आचरण हमारी सांस्कृतिक मर्यादाओं और सनातन मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। असहमति हो सकती है, प्रश्न उठ सकते हैं, लेकिन संवाद और सम्मान की मर्यादा हर परिस्थिति में बनी रहनी चाहिए। रामगोपाल अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन की हठधर्मिता के परिणाम शुभ नहीं होंगे और पूरे देश में इस घटना की सर्वत्र निंदा हो रही है। यह समय आत्ममंथन का है कि क्या हम अपनी परंपरा, गुरु-संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा कर पा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि सम्मान बचेगा, तभी संस्कृति बचेगी। इस मौके पर मनोज दीवान, बृजमोहन मंगला, हीरानंद शर्मा, नरेश जांगड़ा, आचार्य पुरुषोत्तम कौशिक, ज्ञानचंद वर्मा, मनीष गुप्ता, विक्रम बंसल, विकेश अग्रवाल और राजेश योगी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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