बोले: समाजसेवियों का जाना क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सूबे के पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने सफीदों क्षेत्र और अपने पैतृक गांव भुसलाना में आयोजित विभिन्न शोक सभाओं में पहुंचकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया। सफीदों में आयोजित एक शोक सभा में बचन सिंह आर्य नगर के न्यू गीता मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय लाला रामस्वरूप बिंदल को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उन्होंने उनके पुत्र रामनिवास बिंदल और सुभाष बिंदल को सांत्वना दी। शोक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लाला रामस्वरूप बिंदल एक अत्यंत सरल, धर्मपरायण और समाजसेवी व्यक्ति थे। उनके साथ उनका पारिवारिक संबंध रहा और वे उन्हें अपने परिवार के बुजुर्ग के रूप में सम्मान देते थे।
उन्होंने कहा कि उनका गांव भुसलाना और स्व. लाला रामस्वरूप बिंदल का गांव खातला आपस में सटे हुए हैं और दोनों गांवों के बीच भाईचारे की मिसाल लंबे समय से कायम है। ऐसे में उनका जाना केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं बचन सिंह आर्य नगर की पुरानी अनाज मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने समाजसेवी लाला सतनारायण मित्तल के निधन पर उनके निवास स्थान जाकर शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने उनके छोटे भाई एवं व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल सहित उनके पुत्र वैंकटेश मित्तल और ललित मित्तल को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति समर्पित लोगों की कमी हमेशा खलती है और लाला सतनारायण मित्तल का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक रहेगा। इसके अतिरिक्त बचन सिंह आर्य नगर के रामपुरा रोड़ पहुंचे, जहां उन्होंने डीसी कार्यालय में सुपरीडेंट रहे सतीश भारद्वाज के निधन पर उनके परिवार के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी अपने का जाना परिवार के लिए बेहद दुखद और असहनीय होता है। उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा के आगे किसी का बस नहीं चलता और हमें उनके निर्णय को स्वीकार करना पड़ता है।
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