श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है : शिवाकांत शुक्ला

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श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा वाचक शिवाकांत शुक्ला।

सफीदों (एस• के• मित्तल) : प्राचीन शिव मंदिर कथा समिति के तत्वावधान में सफीदों शहर के दादा खेड़ा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथावाचक शिवाकांत शुक्ला महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य का आध्यात्मिक विकास और भगवान के प्रति भक्ति गहरी होती है। श्रीमद् भागवत कथा स्वयं की प्रकृति और परम वास्तविकता के बारे में सिखाती है। श्रीमद् भागवतम् को नियमित रूप से सुनने और पढ़ने से व्यक्ति को आध्यात्मिक सुधार महसूस हो सकता है, क्योंकि यह हृदय को शुद्ध करता है और पारलौकिक ज्ञान देता है। जब भक्तों के अंदर विश्वास, अनुराग और समर्पण का भाव होता है, तब ईश्वर क्षण भर भी भक्तों को प्रतीक्षा नहीं कराते और भक्त को दर्शन देते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का रसपान जीवन को धन्य बना देता है। श्रीमद भागवत सुनने का लाभ भी कई जन्मों के पुण्य से प्राप्त होता है। श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। सत्संग का मनुष्य के जीवन में बड़ा महत्व है। भगवान भक्तों के वश में हैं। भगवान हमेशा अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं। भगवान के चरित्र के श्रवण से व्यक्ति का लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं। श्रीमद्भागवत के श्रवण मात्र से जीव के सभी पापों का नाश हो जाता है और उसकी संसार में बार-बार के आवागमन कुचक्र से मुक्ति हो जाती है।

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