श्रद्धालुओं ने भंडारे में किया प्रसाद ग्रहण
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : परमहंस श्री योग दरबार कुटिया शांत सरोवर के तत्वावधान में आयोजित 32वें वार्षिक सत्संग समारोह के अंतर्गत श्री रामायण जी के पावन पाठ का आज श्रद्धा, भक्ति और विधिविधान के साथ भव्य समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण ढंग से श्री रामायण जी का पाठ किया और प्रभु भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक रामकुमार गौतम ने शिरकत की। उन्होंने संत सुखदेवानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। अपने संबोधन में संत सुखदेवानंद महाराज ने कहा कि श्री रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक प्रेरणादायक मार्गदर्शिका है। उन्होंने बताया कि रामायण हमें मर्यादा, त्याग, सेवा, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन अनुशासन, कर्तव्य और आदर्शों का सर्वोत्तम उदाहरण है, चाहे वह पुत्र धर्म हो, भाई धर्म हो या एक राजा का कर्तव्य, उन्होंने हर परिस्थिति में मर्यादा का पालन किया। उन्होंने आगे कहा कि रामायण का सबसे बड़ा संदेश यह है कि रिश्तों की नींव विश्वास और त्याग पर आधारित होती है। परिवार और समाज में मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए विश्वास और संयम अत्यंत आवश्यक हैं। रामायण के प्रसंग हमें यह भी सिखाते हैं कि जीवन की बड़ी से बड़ी चुनौतियों को धैर्य और संयम के साथ पार किया जा सकता है। भगवान श्रीराम ने शक्ति से पहले शांति, दया और करुणा को महत्व दिया, जो हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का विषय है। समारोह के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान डॉ. रामचंद्र माटा, डॉ. राजेंद्र भाटिया, डॉ. ताराचंद भाटिया, सक्षम भाटिया, सरोज भाटिया, पंकज भाटिया, महेंद्र भाटिया, हिमांशु, चिराग, गीतू भाटिया, आरती शर्मा, सरोज माटा, डिंपल, पिंकी गाबा, कृष्णा भाटिया और राजकुमार सहित अनेक श्रद्धालु व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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