अमेरिका से 22 दिन बाद गांव साहनपुर सुधीर राठी का शव

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Sahanpur Village
मृतक सुधीर राठी का फाईल फोटो

तीन बहनों का इकलौता भाई था सुधीर राठी

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : अमेरिका में हुई मौत के बाद सोमवार को 22 दिन के बाद अमेरिका से गांव साहनपुर निवासी सुधीर राठी का शव पैतृक गांव पहुंचा। जिसके बाद गांव में मातम पसर गया और काफी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए, जिन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया। बता दें कि सुधीर राठी अपने पिता का इकलौता बेटा और 3 बहनों का इकलौता भाई था। मिली जानकारी के अनुसार सुधीर राठी अढ़ाई वर्ष पहले डेढ़ एकड़ जमीन को बेचकर अमेरिका गया था।

घर के बाहर एकत्रित हुए ग्रामीण

वह काफी मशक्कत के बाद डोंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचा था। सुधीर वहां काम पर लग गया था और कमाई भी करने लगा था। लेकिन कुछ समय बाद वह बीमार पड़ गया। वह करीब डेढ़ महीने से वहां के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर था। 23 नवंबर को सुधीर (32) की वहां पर मौत हो गई है। इसकी सूचना अमेरिकन अस्पताल ने परिजनों को दी। जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पिता को ढांढस बंधाते हुए ग्रामीण

इस घटना की सूचना पाकर अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रहने वाले भारतीय युवाओं के रोजगार व दुख तकलीफ में मदद करने का बीड़ा उठाए हुए नारनौंद के समाजसेवी रणबीर लोहान 28 नवंबर को गांव साहनपुर पहुंचे थे। जिन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा था कि सुधीर का पार्थिव शरीर उसके घर साहनपुर में लाने की व्यवस्था की जाएगी। जिसके बाद उन्होंने अपने प्रयास शुरू करके वहां पर बसे भारतीय मूल के समाजसेवियों से संपर्क किया। बता दे कि अमेरिका में बसे भारतीयों का संगठन अपने देश के युवाओं की मदद करने में आगे रहता है।

महिलाओं को ढांढस बंधाते हुए समाजसेवी रणबीर लोहान

उन्होंने सुधीर का पार्थिव शरीर अस्पताल से हासिल करके, कागजात तैयार करवाकर व अन्य औपचारिकताएं पूरी करवाकर उसके घर पर भिजवाया। जैसे ही सुधीर का शव गांव में पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों, रिश्तेदारों ने परिवार को ढांढस बंधाने का प्रयास किया। सुधीर राठी के शव का गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। समाजसेवी रणबीर लोहान ने बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अब तक भारतीय युवकों के 64 शव विदेश से भारत में उनके घर तक पहुंचा चुके हैं।

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