आदिवासी सेंगेल अभियान का संथाली भाषा विजय दिवस कार्यक्रम आज, मोरहाबादी मैदान में जुटे आदिवासी समुदाय के लोग

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दयानंद राय

रांची : पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व वाले आदिवासी सेंगेल अभियान का संथाली भाषा विजय दिवस कार्यक्रम गुरूवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़े जीतेंद्र हेंब्रम ने बताया कि विजय दिवस कार्यक्रम में पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इसके बाद आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू का संबोधन होगा। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर हर साल संथाली भाषा विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी सेंगेल अभियान संथाली भाषा को झारखंड की राजभाषा बनाना चाहता है। कार्यक्रम को लेकर रांची नगर निगम की ओर से मोबाइल शौचालय तथा पानी के टैंकर उपलब्ध कराये गये हैं। हालांकि लोगों की संख्या को देखते हुए वे पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को लेकर मोरहाबादी मैदान में फिलहाल छह से सात हजार लोग पहुंचे चुके हैं। एक लाख लोगों का आना संभव है। उन्होंने कहा कि झारखंड को हम आदिवासियों का राज्य समझते हैं इसलिए यहां कार्यक्रम कर रहे हैं। ओडिशा को हम आदिवासियों का राज्य नहीं समझते, इसी तरह पश्चिम बंगाल को भी नहीं क्योंकि वहां का अपना अलग भाषा-संस्कृति और रिवाज है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने पश्चिम बंगाल के बर्दवान, ओडिशा और अन्य राज्यों से लोग आये हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी हैं। इसे लेकर हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग बुधवार रात से ही मोरहाबादी मैदान में जुटने लगे थे। बुधवार रात बड़ी संख्या में लोगों ने प्लास्टिक बिछाकर तथा मोरहाबादी मैदान में बने कैनोपी के नीचे अपनी रात गुजारी। वे भोजन के लिए भी परेशान दिखे। वे एक ऐसा होटल ढूंढ रहे थे जहां वे अपनी भूख मिटा सकें। गौरतलब है कि सालखन मुर्मू एक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हैं जो 5 राज्यों में जनजातीय सशक्तिकरण के लिए काम कर रहे हैं। वह झारखंड दिसोम पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान ओडिशा में मयूरभंज लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से 12 वीं और 13 वीं लोकसभा में दो बार संसद सदस्य थे। 2 जून 1952 को जन्में सालखन मुर्मू राउरकेला लॉ कॉलेज के विद्यार्थी रहे हैं।

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