सतलोक आश्रम प्रमुख 11 साल से जेल में बंद, देशद्रोह सहित गंभीर आरोपों में राहत की उम्मीद
देशद्रोह और अन्य गंभीर मामलों में आरोपी सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की जमानत याचिका पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। रामपाल पिछले करीब 11 वर्षों से जेल में बंद है और उसकी जमानत को लेकर यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। सुनवाई को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
रामपाल पर देशद्रोह, हत्या, हिंसा भड़काने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसे कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। वर्ष 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में हुई हिंसा के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई थी। उस दौरान आश्रम में बड़ी संख्या में समर्थकों के जमा होने से हालात बेकाबू हो गए थे और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी थी। इसके बाद से रामपाल लगातार न्यायिक हिरासत में है।
हाईकोर्ट में आज होने वाली सुनवाई के दौरान रामपाल की ओर से लंबे समय से जेल में बंद रहने और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया जा सकता है। वहीं सरकारी पक्ष जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और पूर्व की घटनाओं का जिक्र कर सकता है। कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा जा सकता है या आदेश जारी किया जा सकता है।
सुनवाई को लेकर हरियाणा और आसपास के इलाकों में पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। आशंका जताई जा रही है कि जमानत को लेकर समर्थकों की भीड़ जुट सकती है, इसलिए कोर्ट परिसर और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और कोर्ट तथ्यों, सबूतों तथा कानून के दायरे में रहकर ही फैसला करेगा। रामपाल की जमानत पर निर्णय का असर न केवल इस केस पर बल्कि इससे जुड़े अन्य मामलों पर भी पड़ सकता है।
अब सबकी नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि रामपाल को जमानत मिलेगी या उसे अभी और जेल में रहना पड़ेगा।
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