जजपा नेता की दुकान पर चला बुलडोजर; 35 साल पुराने जमीन विवाद को लेकर कार्रवाई
हरियाणा के सिरसा जिले में जननायक जनता पार्टी (जजपा) से जुड़े एक नेता की दुकान को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। पीड़ित नेता का कहना है कि दुकान से जुड़ा जमीन विवाद करीब 35 साल पुराना है और अब तक हर बार अदालतों से फैसला उसके पक्ष में आता रहा है। इसके बावजूद प्रशासन ने अचानक यह कदम उठाया, जिससे वह खुद को अन्याय का शिकार बता रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह दुकान सिरसा शहर के एक प्रमुख इलाके में स्थित थी। प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बिना ज्यादा समय दिए दुकान को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पीड़ित जजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। उन्होंने कहा कि जमीन को लेकर पिछले 35 वर्षों से विवाद चल रहा है, लेकिन अब तक जितने भी कानूनी आदेश आए हैं, वे सभी उनके पक्ष में रहे हैं। उनका दावा है कि संबंधित दस्तावेज और कोर्ट के आदेश उनके पास मौजूद हैं।
नेता ने यह भी कहा कि यदि कोई कानूनी कमी थी तो पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन ने सीधे तोड़फोड़ कर दी। उन्होंने इसे कानून और न्याय की अवहेलना बताया। जजपा ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है और इसे विपक्षी राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया है।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के तहत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड में यह भूमि सार्वजनिक उपयोग की बताई गई थी, जिस पर अतिक्रमण किया गया था। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्रवाई की गई है।
फिलहाल मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है, जबकि राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
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