हरियाणा के सिरसा जिले में आग लगने की घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग स्थानों पर लगी आग से करीब 25 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। यह घटनाएं झोपड़ा, मीरपुर और नहराणा गांवों में सामने आई हैं, जहां खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, आग अचानक लगी और देखते ही देखते तेजी से फैल गई। तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया, जिससे बड़ी मात्रा में फसल जल गई। किसानों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक किसानों की मेहनत और उम्मीदें जलकर खाक हो चुकी थीं। कई किसानों का कहना है कि उनकी पूरी साल भर की कमाई इसी फसल पर निर्भर थी, जो अब खत्म हो गई है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। कुछ लोग इसे शॉर्ट सर्किट या लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में जानबूझकर आग लगाने की आशंका भी जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है और नुकसान की भरपाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली, तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
यह घटना एक बार फिर किसानों की संवेदनशील स्थिति को उजागर करती है, जहां एक छोटी सी दुर्घटना भी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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