संदिग्धों की 3 कैटेगरी बनाई
दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और SIT अब घटना के पीछे लोकल कनेक्शन की संभावनाओं की गहन पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर एजेंसियां यह समझने का प्रयास कर रही हैं कि ब्लास्ट की साजिश स्थानीय स्तर पर रची गई थी या बाहर से आए नेटवर्क ने इसमें भूमिका निभाई। इस दिशा में SIT ने तकनीकी तथा फिजिकल दोनों तरह के इनपुट्स पर काम तेज कर दिया है।
इसी बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ED जल्द ही अल-फलाह से जुड़े चेयरमैन सिद्दीकी को पूछताछ के लिए लेकर आएगी। उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसके चलते एजेंसी उन्हें हिरासत में लेकर पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि यह पूछताछ जांच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
जांच एजेंसियों ने ब्लास्ट से जुड़े संभावित संदिग्धों की तीन कैटेगरी बनाई हैं।
पहली कैटेगरी में वे लोग शामिल हैं जिनका सीधा संबंध घटना स्थल या विस्फोटक सामग्री से जुड़ता है।
दूसरी कैटेगरी में वे लोग हैं जिन पर सहयोग या लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का शक है, जैसे आवास, वाहन या आर्थिक मदद।
तीसरी कैटेगरी उन लोगों की है जिनका नेटवर्क, संचार या बार-बार संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का रिकॉर्ड मिला है।
इन तीनों कैटेगरी के आधार पर SIT और ED संयुक्त रूप से डेटा को मैच कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित साजिश की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। अधिकारियों का कहना है कि कई तकनीकी रिपोर्ट्स, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच अंतिम चरण में है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
![]()











