प्रशांत किशोर के जनसुराज अभियान से जुड़े छह पूर्व नौकरशाह

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पटना : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) का कुनबा अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इसी कड़ी में मंगलवार को छह रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी पीके के जनसुराज अभियान से जुड़े। पूर्व अधिकारियों ने  नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है। पीके के अभियान में  शामिल होने वाले पूर्व अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि वो सत्ता के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था बदलने के लिए पीके के साथ जुड़े हैं। इन अधिकारियों के जुडने की जानकारी पीके के पटना कार्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान दी गई। अभियान से जुड़ने वाले रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इनमें सेवानिवृत आईएएस अजय कुमार द्विवेदी (पश्चिम चंपारण) – सेवानिवृत विशेष सचिव, कैबिनेट, बिहार सरकार, अरविंद कुमार सिंह (भोजपुर) – सेवानिवृत सचिव, पूर्व जिलाधिकारी (कैमूर एवं पूर्णिया), ललन यादव (मुंगेर)- सेवानिवृत आयुक्त (पूर्णिया), डीएम (नवादा, कटिहार), तुलसी हजार (पूर्वी चंपारण) – सेवानिवृत प्रशासक बेतिया राज, बिहार सरकार, सुरेश शर्मा (गोपालगंज)- सेवानिवृत संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार,  गोपाल नारायण सिंह (औरंगाबाद) – सेवानिवृत संयुक्त सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार सरकार शामिल हैं। वहीं, पीके के साथ जुड़ने के बाद सभी रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। ललन यादव ने कहा कि बिहार में लगातार सत्ता में परिवर्तन हुआ है। इसके बाद भी आज तक बिहार की स्थिति में सुधार नहीं आया है। लोगों की समस्या जस की तस बनी हुई है। जैसे कि शिक्षा में देखिए, बेरोजगारी में देखिए, पलायन में देखिए और भ्रष्टाचार में देखिए। जो हमारे नेता हैं प्रशांत किशोर, उन्होंने पूरे देश में सत्ता परिवर्तन करने का काम किया है। उन्होंने अब सोचा है कि बिहार जो अपना प्रदेश है, क्यों ना उसे नया बिहार बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बिहार में कई सारी पार्टी हैं, लेकिन आज तक उससे राज्य को क्या मिला? केवल सत्ता परिवर्तन हुआ? समस्याएं नहीं बदलीं। हमलोग उस व्यवस्था को लाना चाहते हैं, जहां लोगों की बातें सुनी जाएं। हमारे इस अभियान से सही लोग चुने जाएंगे और सही व्यवस्था परिवर्तन होगा। वहीं, अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि प्रशांत किशोर जो भावना लेकर चल रहे हैं, सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास। इसका मतलब ऊपर से थोपे हुए लोग यहां नहीं आएंगे। हम लोग जो पदाधिकारी इस अभियान से जुड़े हैं, हम लोग प्रशांत किशोर से काफी प्रभावित हैं। हम लोग लगातार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इससे बिहार की व्यवस्था में सुधार आएगी और नया समाज का निर्माण होगा। पिछले 32 वर्ष से सिर्फ राजद और जदयू की बात होती आ रही है। अगर इन 32 वर्षों में सरकार गवर्नेंस होती तो क्या बिहार सभी मानकों में अंतिम पायदान पर खड़ा नहीं होता। यह लोग कहते हैं कि बिहार में बहुत विकास हुआ है तो सभी चीजों में बिहार सबसे पीछे क्यों हैं। अगर हमें लोगों का सपोर्ट मिला तो आगे चलकर 2025 में हम लोग जरूर सरकार बनाएंगे।

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