शास्त्र, शक्ति और संस्कार से सशक्त बने समाज: अरविंद शर्मा

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social unity
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : विश्व हिंदू परिषद के जिला सलाहाकार अरविंद शर्मा ने हिंदू समाज को संगठित, संस्कारित और सशक्त बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि समाज केवल भक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि शास्त्र, शक्ति और संस्कारों से भी स्वयं को सुसज्जित करे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भक्ति में लीन रहने के बावजूद हिंदू समाज की सामूहिक शक्ति कहीं न कहीं कमजोर होती दिखाई दे रही है। इसका एक प्रमुख कारण परिवार और समाज के बीच संवाद की कमी है। उन्होंने कहा कि आज लोग वैश्विक स्तर पर जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने ही परिवार, संतान और भगवान से धीरे-धीरे दूर होते जा रहे हैं। अरविंद शर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक हिंदू परिवार में शास्त्रों का अध्ययन, आध्यात्मिकता के साथ-साथ आत्मरक्षा और शक्ति का भी समुचित प्रशिक्षण होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने संस्कारवान और सुशिक्षित संतानों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि नई पीढ़ी को सही दिशा और संस्कार दिए जाएं। उन्होंने परिवार और पड़ोस के रिश्तों को मजबूत बनाने पर भी बल देते हुए कहा कि नियमित सामूहिक सत्संग, स्वाध्याय, सहभोज और आपसी संवाद से समाज में एकता और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिल सकता है। नवरात्रि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल भक्ति का ही नहीं, बल्कि शक्ति की उपासना का भी समय है। हमारे देवी-देवताओं के हाथों में अस्त्र-शस्त्र इस बात का प्रतीक हैं कि समाज को आत्मरक्षा और साहस से भी सुसज्जित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समाज शास्त्र, शक्ति और संस्कारों के संतुलन को अपनाता है, तो वह अपने परिवार, धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकेगा।

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