सफीदों, (एस• के• मित्तल) : विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा है कि वर्तमान समय में हिंदू समाज में बढ़ती संस्कारहीनता एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं में धर्म, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं की समझ का अभाव इसके प्रमुख कारणों में से एक है। अरविंद शर्मा ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में वैदिक शिक्षा को फिर से शामिल किया जाए, तो समाज में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों का पुनर्जागरण संभव है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म का दर्शन केवल आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सर्वांगीण सोच पर आधारित है, लेकिन आज हमारे तीर्थ स्थल केवल पर्यटन केंद्र बनकर रह गए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि समाज में अनैतिकता और धर्म से दूरी बढ़ रही है। हालांकि धार्मिक आयोजनों और तीर्थ यात्राओं में भाग लेने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन यदि साधना शास्त्रीय पद्धति और सही ज्ञान से रहित हो, तो वह केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। शर्मा ने कहा कि वैदिक शिक्षा ही वह मजबूत आधार है, जो आने वाली पीढ़ी को सत्य, संस्कार और समरसता का मार्ग दिखा सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पाठ्यक्रम में वैदिक ज्ञान को स्थान देकर ही समाज में नैतिकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया जा सकता है।
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