सोनीपत अपहरण-हत्या की गुत्थी सुलझी,
दीवार के पिंक-व्हाइट रंग और मोबाइल लोकेशन से पुलिस को मिला अहम सुराग
सोनीपत में हुए सनसनीखेज किडनैपिंग और मर्डर केस की गुत्थी आखिरकार एक मामूली लेकिन अहम संकेत से सुलझ गई। इस पूरे मामले में पुलिस को जो सबसे बड़ा सुराग मिला, वह था घटनास्थल की दीवार का पिंक और व्हाइट वॉश। आरोपी ने खुद को बचाने के लिए जो वीडियो रिकॉर्ड किया था, वही उसके लिए सबसे बड़ी गलती साबित हुआ।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक को अगवा करने के बाद आरोपी दोस्त ने परिवार को डराने और फिरौती की मांग के लिए एक वीडियो भेजा था। वीडियो में पीछे दिखाई दे रही दीवार का रंग सामान्य नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने गौर किया कि दीवार पर पिंक और व्हाइट वॉश का खास पैटर्न था, जो इलाके की कुछ चुनिंदा जगहों पर ही देखने को मिलता है।
इसके साथ ही पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन और वीडियो के बैकग्राउंड को बारीकी से खंगालना शुरू किया। तकनीकी टीम ने मोबाइल सिग्नल की लोकेशन ट्रैक की और संभावित इलाकों की पहचान की। जब पुलिस संदिग्ध स्थानों पर पहुंची, तो एक जगह वीडियो में दिख रही दीवार का रंग, बनावट और आसपास का माहौल पूरी तरह मेल खा गया।
यहीं से पुलिस को यकीन हो गया कि यही वह जगह है जहां युवक को बंधक बनाया गया था और बाद में उसकी हत्या की गई। पूछताछ में आरोपी दोस्त टूट गया और उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दोस्ती का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश की।
इस केस ने यह साफ कर दिया कि अपराधी कितनी भी चालाकी कर लें, छोटी-सी गलती भी उनकी पोल खोल सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीक और बारीक जांच के चलते ऐसे मामलों को सुलझाना अब पहले से अधिक संभव हो पाया है।
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