प्रदेशाध्यक्ष चयन को लेकर मंथन अंतिम दौर में, कई नामों पर गंभीर विचार
हरियाणा भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल सकता है और अगले 48 घंटों के भीतर इस संबंध में औपचारिक घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति को धार देने के लिए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष की रेस में वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष बड़ौली का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, लेकिन उनके अलावा करीब पांच अन्य दावेदार भी मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं। इनमें संगठन और सरकार में अनुभव रखने वाले नेता शामिल हैं, जिनका जमीनी जुड़ाव और जातीय-सामाजिक संतुलन पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। दिल्ली स्तर पर शीर्ष नेतृत्व इन सभी नामों पर मंथन कर रहा है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस बार प्रदेशाध्यक्ष चयन में केवल वरिष्ठता नहीं, बल्कि संगठनात्मक क्षमता, चुनावी अनुभव और कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को भी प्राथमिकता दे रही है। इसी वजह से “चौंकाने वाले नाम” की चर्चा भी जोरों पर है। माना जा रहा है कि यदि नेतृत्व किसी नए या अपेक्षाकृत कम चर्चित चेहरे को जिम्मेदारी देता है, तो यह संगठन में नई ऊर्जा भरने का संकेत होगा।
भाजपा के अंदरूनी हलकों में यह भी चर्चा है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशाध्यक्ष का चयन रणनीतिक रूप से किया जाएगा। हरियाणा में सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और संगठन की मजबूती को देखते हुए फैसला लिया जा सकता है। यही कारण है कि अंतिम निर्णय में थोड़ा समय लिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नया प्रदेशाध्यक्ष न केवल संगठनात्मक दिशा तय करेगा, बल्कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय की भूमिका भी निभाएगा। कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय रखना उसकी बड़ी चुनौती होगी।
फिलहाल भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं। सभी को इंतजार है उस फैसले का, जो हरियाणा भाजपा की आने वाले समय की राजनीति और रणनीति की दिशा तय करेगा।
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