फसल अवशेष जलाने वाले के खिलाफ होगी एफआईआर: पुलकित मल्होत्रा
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों के एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ धान की पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर उपमंडल के बेरीखेड़ा, बूढ़ाखेड़ा, जामनी, रजाना समेत विभिन्न गांवों में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान एसडीएम ने फायर ब्रिगेड कर्मियों के साथ मिलकर एक खेत में धान की पराली में लगी आग को बुझाया।
फ्लैग मार्च के दौरान एसडीएम ने किसानों को पराली न जलाने और सुपर सीडर सहित अन्य आधुनिक मशीनों के माध्यम से पराली प्रबंधन अपनाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा पराली न जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
जिन गांवों में पराली जलाने की कोई रिपोर्ट नहीं होगी, वहां की पंचायत को सम्मानित किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से प्रकृति, मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ-साथ वायु प्रदूषण बढ़ता है, जो अनेक जानलेवा बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को गंभीरता से अपनाना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेषों को आग न लगाएं।
एसडीएम ने पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई किसान फसल अवशेष जलाते पाया जाता है तो तुरंत एफआईआर दर्ज करके नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को अपने क्षेत्र में ग्राम व ब्लॉक स्तरीय टीमों के साथ निरंतर फील्ड में मौजूद रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को पराली प्रबंधन में कठिनाई आती है तो संबंधित कृषि अधिकारी तत्परता से उसकी सहायता करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार प्रदूषण रोकने को लेकर गंभीर है और यदि कहीं भी पराली जलाने का मामला सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर तहसीलदार राजेश गर्ग, कृषि विभाग के एसडीओ सुशील कुमार मौजूद थे।
![]()











