केंद्र सरकार के खिलाफ छात्र राजद ने किया राजभवन मार्च

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पटना : छात्र राजद ने सोमवार को  केंद्र की नई शिक्षा नीति, बेरोजगारी, महंगाई आदि को लेकर सोमवार को पार्टी कार्यालय से राजभवन मार्च निकाला।  लेकिन आयकर गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेटिंग कर छात्रों को रोक दिया। इसके बाद कुछ छात्रों को गाड़ी में बैठा कर राज्यपाल से मिलने ले जाया गया। प्रदर्शन करने वाले छात्र राहुल कुमार ने बताया कि बिहार में और देश में जिस तरीके से युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है, केंद्र सरकार द्वारा युवाओं को नई शिक्षा नीति लाई गई है। उसी के खिलाफ आज छात्र राजद द्वारा प्रदर्शन किया गया। वहीं, छात्र सुमित कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जो नई शिक्षा नीति लाई गई है, 3 साल का ग्रेजुएशन अब 4 साल में होगा। इसे सरकार को वापस लेना पड़ेगा। यह गांधी का देश है। यहां गांधी का चैप्टर पढ़ाया जाएगा, गोडसे का नहीं। उन्होंने आगे बताया कि पहले दो हजार रुपए फीस लगता था, अब 8 हजार लगेगा। छात्र संगठन जॉब द्वारा भी बीते दिन नई शिक्षा नीति को लेकर विरोध किया गया था। मनीष यादव ने कहा था कि लूट का अड्डा बनाने के लिए नई शिक्षा नीति लाई गई है। बड़े-बड़े कारोबारी अंबानी अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए नई शिक्षा नीति लाई गई है। नई शिक्षा नीति में सिर्फ विश्वविद्यालय का निजीकरण किया जा रहा है। आज हमारे पार्टी सहित तमाम लोग नरेंद्र मोदी को यह बताना चाहते हैं कि इस नई शिक्षा नीति को हम लोग और विश्वविद्यालय का निजीकरण होने नहीं देंगे। छात्र राजद के द्वारा केंद्र की नई शिक्षा नीति, बेरोजगारी, महंगाई आदि को लेकर सोमवार को पार्टी कार्यालय से राजभवन मार्च निकाला गया। लेकिन आयकर गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेटिंग कर छात्रों को रोक दिया। इसके बाद कुछ छात्रों को गाड़ी में बैठा कर राज्यपाल से मिलने ले जाया गया। प्रदर्शन करने वाले छात्र राहुल कुमार ने बताया कि बिहार में और देश में जिस तरीके से युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है, केंद्र सरकार द्वारा युवाओं को नई शिक्षा नीति लाई गई है। उसी के खिलाफ आज छात्र राजद द्वारा प्रदर्शन किया गया। वहीं, छात्र सुमित कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जो नई शिक्षा नीति लाई गई है, 3 साल का ग्रेजुएशन अब 4 साल में होगा। इसे सरकार को वापस लेना पड़ेगा। यह गांधी का देश है। यहां गांधी का चैप्टर पढ़ाया जाएगा, गोडसे का नहीं। उन्होंने आगे बताया कि पहले दो हजार रुपए फीस लगता था, अब 8 हजार लगेगा। छात्र संगठन जॉब द्वारा भी बीते दिन नई शिक्षा नीति को लेकर विरोध किया गया था। मनीष यादव ने कहा था कि लूट का अड्डा बनाने के लिए नई शिक्षा नीति लाई गई है। बड़े-बड़े कारोबारी अंबानी अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए नई शिक्षा नीति लाई गई है। नई शिक्षा नीति में सिर्फ विश्वविद्यालय का निजीकरण किया जा रहा है। आज हमारे पार्टी सहित तमाम लोग नरेंद्र मोदी को यह बताना चाहते हैं कि इस नई शिक्षा नीति को हम लोग और विश्वविद्यालय का निजीकरण होने नहीं देंगे।

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