परीक्षा तनाव ने ली एक और जान, छात्रा की मौत से सदमे में परिवार

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student suicide

डायरी में लिखे शब्दों ने उजागर किया पढ़ाई का दबाव, मानसिक तनाव बना वजह

गुरुग्राम से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक छात्रा ने परीक्षा के अत्यधिक दबाव में आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते मानसिक तनाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा के पास से मिली डायरी ने उसके मन में चल रहे तनाव और असमंजस को साफ तौर पर उजागर किया है।

जानकारी के अनुसार, छात्रा की परीक्षा अगले दिन होने वाली थी। पढ़ाई को लेकर वह लगातार तनाव में थी और खुद को मानसिक रूप से असहाय महसूस कर रही थी। डायरी में लिखे उसके शब्द—“कल एग्जाम है, समझ नहीं आ रहा पढ़ाई कहां से शुरू करूं”—उसके अंदर चल रही बेचैनी और दबाव को बयां करते हैं। परिजनों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में मेहनती थी, लेकिन परीक्षा को लेकर अत्यधिक तनाव में आ गई थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन डायरी में लिखी बातें जांच का अहम हिस्सा मानी जा रही हैं।

इस घटना के बाद शिक्षा विशेषज्ञ और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है कि बच्चों और युवाओं पर शैक्षणिक प्रदर्शन का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अपेक्षाओं, प्रतिस्पर्धा और डर के माहौल में कई छात्र अपनी भावनाएं साझा नहीं कर पाते, जिसका नतीजा ऐसे दर्दनाक मामलों के रूप में सामने आता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर उतना ही ध्यान देना चाहिए, जितना पढ़ाई पर दिया जाता है। संवाद, सहयोग और समझदारी ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो समय पर परामर्श और सहायता लेना बेहद जरूरी है। भारत में मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 9152987821 (किरण) पर संपर्क किया जा सकता है।

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