सांसद ने झील संरक्षण और अस्पताल संसाधनों की कमी पर जताई गंभीरता
चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना झील के भविष्य को लेकर चिंता जताई गई है। सांसद Manish Tewari ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह झील खत्म होने की कगार पर पहुंच सकती है। उन्होंने झील में बढ़ती गाद, जलस्तर में कमी और पर्यावरणीय चुनौतियों को इसके प्रमुख कारणों में गिनाया।
सांसद ने यह मुद्दा उठाते हुए झील के संरक्षण के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि सुखना झील न केवल चंडीगढ़ की पहचान है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन और पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि इसका संरक्षण नहीं किया गया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक अहम मुद्दा भी उठाया। उन्होंने Government Medical College and Hospital, Sector 32 Chandigarh में वेंटिलेटर की कमी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि इतने बड़े सरकारी अस्पताल में जरूरी उपकरणों की कमी मरीजों के इलाज को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताया गया।
यह दोनों मुद्दे—पर्यावरण और स्वास्थ्य—सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, यह मामला न केवल एक प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण की चेतावनी है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूत करने की जरूरत की ओर इशारा करता है।
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