नीतीश विपक्षी दलों को कभी एकजुट नहीं कर पायेंगे : सुशील मोदी

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बजट सत्र के बाद देश यात्रा पर जाने की घोषणा के बाद सूबे की सियासत में गर्माहट आने लगी है। नीतीश कुमार के सहयोगी रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने गुरुवार को कहा  कि नीतीश कुमार चाहे पूरा देश घूम लें उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार जो साढ़े तीन सौ करोड़ का जेट और हेलीकॉप्टर की खरीद करने जा रही है, वह इसी काम के लिए खरीदा जा रहा है ताकि नीतीश देश की यात्रा कर सकें। मोदी ने कहा कि बिहार जैसा गरीब राज्य, जिसके मुख्यमंत्री एक तरफ विशेष राज्य के दर्जा की मांग करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ उसी राज्य के मुख्यमंत्री ढाई सौ करोड़ का जेट प्लेन और 100 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जहां की यात्रा करनी है करें, यात्रा करने से कौन किसी को रोक सकता है। मोदी ने कहा कि देश की दूसरी पार्टियां नीतीश को अपना नेता स्वीकार करेंगे, यह बड़ा सवाल है? नीतीश कुमार किस विपक्षी दल को एकजुट करने का दावा कर रहे हैं। न ममता बनर्जी इनके साथ आएंगी और ना केसीआर नीतीश को अपना नेता स्वीकार करेंगे। सीपीएम और कांग्रेस का यूनाइटेड फ्रंड एक साथ नहीं बैठ पाएगा। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। केसीआर अलग सुर अलाप रहे हैं और अपनी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। विपक्षी दलों के बीच इतना बिखराव है कि वे कभी एक हो ही नहीं सकते हैं। मोदी ने कहा कि यात्रा करने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार साढ़े तीन सौ करोड़ के जेट और हेलीकॉप्टर से घूम लें, वे विपक्षी दलों को कभी एक नहीं कर पाएंगे। विपक्षी दल एक मरा हुआ घोड़ा है, जिसमें अब जान नहीं फूंकी जा सकती है। नीतीश कुमार चाहे जितना भी घूम लें उनकी कोशिश टायं टायं फिस हो जाएगी। एक तरफ नीतीश समाधान यात्रा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ तरफ राहुल गांधी भी यात्रा कर रहे हैं। बांका से कांग्रेस के अध्यक्ष भी यात्रा की शुरुआत किया है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जो यात्रा कर रहे हैं, उसमें कोई सार्वजनिक सभा नहीं है। नीतीश कुमार को डर है कि कोई काला झंडा न दिखा दे और कोई पत्थर न फेंक दे। समाधान यात्रा के दौरान शिक्षक नौकरी न मांगने लगें, इसलिए मुख्यमंत्री सार्वजनिक सभाएं नहीं कर रहे हैं। नीतीश कुमार की यात्रा सिर्फ समीक्षा यात्रा है, जिसमें वे अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने डर के कारण इस बार की यात्रा में कोई सार्वजनिक सभा नहीं रखी है।

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