स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही महंगी, ₹100 करोड़ खर्च न करने पर 20 अधिकारी चार्जशीट

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Swachh Bharat Mission

केंद्र से मिले फंड का उपयोग नहीं कर पाए अफसर, मुख्यमंत्री के सामने नहीं दे सके संतोषजनक जवाब

हरियाणा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिले भारी-भरकम बजट के बावजूद राशि खर्च न किए जाने का मामला अब गंभीर प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। सरकार ने करीब 100 करोड़ रुपये का उपयोग नहीं करने पर 20 अधिकारियों को चार्जशीट कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के समक्ष समीक्षा बैठक के बाद की गई, जहां अधिकारी फंड उपयोग न होने को लेकर कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को स्वच्छता ढांचे को मजबूत करने, शौचालय निर्माण, कचरा प्रबंधन और जन-जागरूकता अभियानों के लिए केंद्र सरकार से बड़ी राशि जारी की गई थी। बावजूद इसके, कई जिलों और विभागों में यह पैसा तय समय सीमा के भीतर खर्च नहीं हो पाया। इसका सीधा असर मिशन के लक्ष्यों और जमीनी स्तर पर स्वच्छता कार्यों पर पड़ा।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से प्रोजेक्ट की प्रगति, फंड उपयोग और देरी के कारणों पर विस्तार से जानकारी मांगी। बैठक में यह सामने आया कि कई जगहों पर प्रशासनिक उदासीनता, कमजोर मॉनिटरिंग और आपसी समन्वय की कमी के कारण योजनाएं कागजों में ही अटकी रहीं।

मुख्यमंत्री ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में ढिलाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद संबंधित विभागों के 20 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर चार्जशीट किया गया है। उनसे यह भी पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है, जिसमें वेतन वृद्धि रोकने, पदावनति या अन्य विभागीय दंड शामिल हैं। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र और राज्य से मिलने वाले फंड का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह मामला प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश देता है कि विकास योजनाओं में लापरवाही अब सीधे जवाबदेही और कार्रवाई को जन्म देगी।

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