स्वदेशी संस्कृति की झलक, मुख्यमंत्री ने किया मेले का निरीक्षण

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Swadeshi Mela

पंचकूला के स्वदेशी मेले में पहुंचे CM सैनी,

हैरिटेज विलेज देखा; 100 साल पुरानी बैलगाड़ी बनी आकर्षण

पंचकूला में आयोजित स्वदेशी मेले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत कर भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल को मजबूती दी। मुख्यमंत्री ने मेले में बनाए गए हैरिटेज विलेज का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित पारंपरिक वस्तुओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवनशैली की झलक को सराहा। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और उनके पीछे जुड़ी मेहनत की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि स्वदेशी मेले न केवल भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी आर्थिक संबल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्वदेशी अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

हैरिटेज विलेज में ग्रामीण परिवेश को दर्शाने वाली झोपड़ियां, पारंपरिक औजार, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और पुराने समय की जीवनशैली को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में रखी गई करीब 100 साल पुरानी बैलगाड़ी मेले का मुख्य आकर्षण रही, जिसे देखने के लिए लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। यह बैलगाड़ी पुराने समय के परिवहन साधनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की याद दिलाती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में मौजूद कारीगरों और स्टॉल संचालकों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार स्वदेशी उद्योगों और हस्तशिल्प को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मेले स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी की। आयोजकों ने बताया कि मेले का उद्देश्य लोगों में स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और भारतीय संस्कृति की विविधता को एक मंच पर लाना है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से मेले को नई ऊर्जा मिली और लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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