हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और बारिश व ओलावृष्टि के बाद कई जिलों में फरवरी जैसी ठंड लौट आई है। दिन और रात के तापमान में अचानक आई गिरावट ने लोगों को सर्दी का अहसास करा दिया है। सुबह और शाम चलने वाली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है, जबकि कई स्थानों पर तापमान सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया जा रहा है।
मौसम में यह बदलाव जहां लोगों के लिए परेशानी बन गया है, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ा रहा है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खासकर जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां गेहूं, सरसों, सब्जियों और बागवानी फसलों को नुकसान हो सकता है। कई किसान अपने खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का अंदाजा लगाने में जुटे हैं।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के बाद ठंडी हवाओं ने मौसम को अचानक सर्द बना दिया है। दिन में भी धूप कमजोर नजर आ रही है, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय कोहरे और ठंडी हवा के कारण कामकाज पर भी असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण तापमान में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम सर्दी का असर बना रह सकता है। हालांकि मौसम में सुधार की संभावना के साथ ही दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में यह ठंड लोगों को फिर से जनवरी-फरवरी जैसे मौसम का अहसास करा रही है। खेतों से लेकर शहरों तक, हर जगह ठंडी हवाओं और बदले मौसम ने रफ्तार थाम दी है।
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