कला साहित्य और संस्कृति के लिए समर्पित है थावे विद्यापीठ : डॉ जेबी पांडेय

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पटना : थावे विद्यापीठ गोपालगंज का विशेष अधिवेशन रविवार को बिहार की राजधानी पटना में प्रतिकुलपति  डॉ जंग बहादुर पांडेय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।जिसमें अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए।प्रथम सत्र में आचार्य परशुराम शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं, द्वितीय सत्र में युवा संवाद का आयोजन किया गया।युवाओं के अनेक प्रश्नों का उत्तर देते हुए डॉ जेबी पांडेय ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और युवाओं के पास जोश है तो बुजुर्गों के पास होश है।यदि युवा अपने जोश में बुजुर्गों के होश को मिला दें तो सफलता उनके चरण चूमेगी।अतः उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने युवाओं के प्रश्नों का समाधान करते हुए कहा कि मन को एकाग्र करने का एक अमोघ अस्र है-मन के पहले न लगाएं शब्द बनेगा नमन।नमन से मन का अहंकार दूर होगा और मन शांत होगा। मन के पीछे न लगाएं शबद बनेगा मनन। एकाग्र होकर अध्ययन और चिंतन करें।नमन+मनन=ज्ञान की प्राप्ति=जीवन में मनोवांछित फल की प्राप्ति।डा पाण्डेय ने आगे कहा कि थावे विद्यापीठ अपने स्थापना काल से ही कला, साहित्य और संस्कृति के लिए समर्पित रहा है। थावे  विद्यापीठ  शिक्षा-विदों,राष्ट्रभक्तों और समाजसेवियों  को उनकी सेवाओं और उपलब्धियों के लिए विद्यासागर और विद्यावाचस्पति जैसी मानद् उपाधियों से अलंकृत करता रहा है।यह सबके लिए गौरव का संदर्भ है। भोजनावकाश के बाद तीसरा मुक्त और अलंकरण सत्र प्रारंभ हुआ।अनेक शिक्षाविदों तथा समाज सेवियों को उनकी सेवाओं के लिए उन्हें विद्यासागर (डी.लिट) की मानद् उपाधि प्रदान की गई जिनमें प्रमुख है उड़ीसा केंद्रीय विश्वविद्यालय कोरापुट के हिंदी के विद्वान कुलपति डा चक्रधर त्रिपाठी, अर्थशास्त्र के निष्णात विद्वान और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के विद्वान कुलपति डॉ सुरेन्द्र प्रताप सिंह, उड़ीसा केंद्रीय विश्वविद्यालय कोरापुट के समाज शास्त्र के विद्वान डॉ कपिल खेमुंदु, डॉ सुरेश कुमार, डॉ सुधांशु कुमार, डॉ अजित सिंह, डॉ ताज कुमारी, डॉ निशि कांत पाठक, डॉ अजय कुमार धीमान, डॉ पुरुषोतम लाल चंद्राकर, डॉ सत्य प्रकाश यादव, डॉ गोवर्द्धन सिंह तथा नवीन कुमार और डॉ जनार्दन मिश्र के नाम शामिल हैं।कार्यक्रम में अनेक विद्वानों को विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की मानद् उपाधि प्रदान की गई जिनमें प्रमुख हैं-डीएवी हेहल,रांची के प्राचार्य सह क्षेत्रीय निदेशक डॉ एम के सिन्हा, डॉ अवंतिका सिंह, डॉ मधु मिश्रा, महाकवि डॉ राश दादा राश, राजस्थान के डॉ आनंद कुमार झांझरिया और डॉ सुरेश कुमार शर्मा, बोकारो के डॉ व्यंकटेश शर्मा और डॉ रेणु शर्मा, आजाद पत्र लखनऊ के प्रबंधक संपादक डॉ कामेश्वर नाथ राय ‘कमलेश’ डॉ कमल नयन ओझा, श्वेता साक्षी, डॉ संघमीता कुमारी, डॉ शचीन्द्र कुमार उपाध्याय, कुंती प्रसाद, डॉ अंकेश कुमार, डॉ विंदेश्वर प्रसाद गुप्ता, डॉ प्रियंका कुमारी, डॉ बृज नंदन शर्मा और डॉ राम कुमार सिंह तथा डॉ कुमारी नीतू आदि। कार्यक्रम का आयोजन युवा सभागार गांधी मैदान पटना में किया गया।इस अवसर पर डॉ शैलेन्द्र सिंह को शंकर यति स्मृति  सम्मान,(21000/) डॉ ममता मेहरोत्रा को माता रामदुलारी देवी सेवा सम्मान, डॉ श्रीपति त्रिपाठी को जिज्ञासा संसार प्रतिभा शिल्पी सम्मान, विश्वनाथ सिंह और प्रभात वर्मा को संयुक्त रूप से जिज्ञासा संसार कलम वीर सम्मान से नवाजा गया। शेष को 5000/रूपये का चेक,स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छ और प्रमाण पत्र पुरस्कार में प्रदान किये गए। इस अवसर पर एक राष्ट्रीय कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता आरा के महाकवि डॉ जनार्दन मिश्र ने की।कवि कवयित्रियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया और हंसाया।

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