जदयू में घमासान से महागठबंधन परेशान

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महेश कुमार सिन्हा

पटना : जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के हालिया बयानों से जहां पार्टी के अंदर घमासान मचा हुआ है, वहीं महागठबंधन के अन्य दलों के नेता भी परेशान हैं। कुशवाहा के जदयू के बड़े से बड़े नेताओं के भाजपा के संपर्क में रहने संबंधी बयान से पार्टी में तो खलबली मची ही हुई है,राजद और कांग्रेस नेताओं के भी कान खड़े हो गये हैं। कुशवाहा  का बड़े नेता से मतलब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही हैं। यह सब लोग समझ रहे हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री को कुशवाहा के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाते हुये उन पर पलटवार करना पड़ा। नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कह दिया कि कुशवाहा जितनी जल्दी हो पार्टी छोड़ कर जहां जाना है चले जायें। इस पर कुशवाहा के इस बयान का भी निहितार्थ निकाला जा रहा है कि वह इतनी आसानी से नहीं, अपना हिस्सा लेकर जायेंगे। वैसे राजनीति हलकों में कुशवाहा का भाजपा में जाना तय माना जा रहा है। इस बीच राज्य के पूर्व उप मुख्य मंत्री और भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी के बयान ने यहां के सियासी गलियारे में  सनसनी फैला दी है। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ लगातार आक्रामक मोदी के तेवर में  नरमी आयी है। मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार तीन बार हमारे  साथ आये और तीन बार हमें छोड़ कर गये। सुशील मोदी ने यह भी कहा है कि राजनीति संभावनाओं का खेल है  और  आगे  कुछ भी हो सकता है। मोदी के इस बयान के बाद महागठबंधन के अन्य दलों ,खास कर राजद और कांग्रेस नेता परेशान हैं। जाहिर है दोनों  को बहुत दिनों बाद सत्ता सुख भोगने का मौका  मिला है। यही वजह है कि इन दलों  के नेता तमाम  अटकलों को खारिज करते  हुये यह दावा कर रहे हैं कि महागठबंधन एकजुट है और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

 

लेखक : न्यूजवाणी के बिहार के प्रधान संपादक हैं और यूएनआई के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं

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