चोरी करने आए नशेड़ी गाड़ी छोड़ भागे, आंगनवाड़ी व पशुओं पर हमले
हरियाणा के सिरसा जिले में चोरी और असामाजिक गतिविधियों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। ताजा मामला उस समय सामने आया, जब चोरी की नीयत से गांव में पहुंचे कुछ नशेड़ी युवक वारदात को अंजाम देने से पहले ही अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, ये नशेड़ी युवक देर रात गांव में दाखिल हुए थे। उन्होंने पहले आंगनवाड़ी केंद्र को निशाना बनाने की कोशिश की, जहां सरकारी सामान और बच्चों से जुड़ी सामग्री रखी हुई थी। इसके अलावा पशुओं को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीणों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया। शोर-शराबा होने पर आरोपी घबरा गए और अपनी गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।
घटना की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने न तो समय पर मौके पर पहुंचकर जांच की और न ही आरोपियों की तलाश के लिए कोई ठोस कदम उठाया। गाड़ी बरामद होने के बावजूद कार्रवाई आगे न बढ़ने से लोगों में यह संदेश गया कि अपराधियों के हौसले और मजबूत हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है और इसी के चलते चोरी, मारपीट और पशुओं को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। आंगनवाड़ी जैसे संवेदनशील स्थान को निशाना बनाया जाना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाती है।
पुलिस कार्रवाई से निराश ग्रामीणों ने आखिरकार जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई हो और चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एसपी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को भी निर्देश देने की बात कही, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
यह घटना न केवल सिरसा में बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई न की जाए, तो आमजन का भरोसा कानून व्यवस्था से उठने लगता है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से हालात सुधरेंगे और गांव में फिर से सुरक्षा का माहौल कायम होगा।
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