ताइवानी कंपनी ने लगाया मैनलेस सिस्टम, सेंसर से 50 मीटर पहले वाहन पहचान, ओवरस्पीड पर चालान
करनाल में टोल संग्रह व्यवस्था में नई तकनीक का सफल परीक्षण किया गया है। अब टोल टैक्स सेकंडों में कट जाएगा, क्योंकि ताइवानी कंपनी द्वारा स्थापित मैनलेस हाईटेक सिस्टम चालू हो गया है। यह सिस्टम वाहन पहचान और भुगतान को पूरी तरह से स्वचालित करेगा।
मौजूदा व्यवस्था में वाहन टोल बूथ पर रुककर भुगतान करते थे, जिससे लंबी कतारें और समय की बर्बादी होती थी। नए सिस्टम में 50 मीटर पहले सेंसर वाहन को पहचान लेगा और टोल राशि वाहन मालिक के खाते से सीधे कट जाएगी। इससे ट्रैफिक की गति बनी रहेगी और लंबी लाइनें समाप्त होंगी।
सिस्टम में ओवरस्पीड वाहन को भी तुरंत पहचानने की क्षमता है। यदि कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से तेज चलता है, तो उसका चालान स्वचालित रूप से जारी हो जाएगा। यह फीचर सड़क सुरक्षा और नियम पालन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
करनाल टोल प्रबंधन ने बताया कि तकनीक के तहत सभी प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग सेंसर लगाए गए हैं। बड़े ट्रक, कार और दोपहिया वाहन सभी आसानी से सिस्टम के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। प्रशासन ने कहा कि मैनलेस टोल से न केवल समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार और नकद लेनदेन की समस्याएं भी खत्म होंगी।
सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक कंपनियों के लिए यह सिस्टम विशेष लाभकारी साबित होगा। अधिकारी आश्वस्त हैं कि आने वाले महीनों में इसे अन्य हाईवे और टोल बूथों पर भी लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हाईटेक सिस्टम सड़क यातायात और टोल संग्रह प्रक्रिया में क्रांति ला सकते हैं। यह डिजिटल इंडिया के तहत स्मार्ट रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
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