“स्मार्ट निगरानी का असर: साइबर आंखों ने बदला गुरुग्राम का ट्रैफिक परिदृश्य”

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Traffic challan

डिजिटल सिस्टम की सख्ती से नियम उल्लंघन पकड़े गए, जुर्माने में तेज उछाल

गुरुग्राम में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगाए गए AI-आधारित कैमरों का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख चौराहों, हाईवे और व्यस्त सड़कों पर लगे इन स्मार्ट कैमरों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड स्तर पर पकड़ना शुरू कर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में ट्रैफिक चालानों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

ये अत्याधुनिक कैमरे रेड लाइट जंपिंग, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसी गतिविधियों को स्वतः पहचान कर रिकॉर्ड कर रहे हैं। पहले जहां इन मामलों में मैनुअल निगरानी सीमित थी, वहीं अब 24 घंटे सक्रिय सिस्टम के चलते कोई भी चूक कैमरे की नजर से बच नहीं पा रही है।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि AI सिस्टम न केवल चालान काटने में मदद कर रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने में भी सहायक साबित हो रहा है। नियमों के उल्लंघन पर तुरंत ई-चालान जारी होने से लोगों में डर और अनुशासन दोनों बढ़े हैं। हालांकि, बढ़ते चालानों को लेकर आम नागरिकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सख्ती मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम शहरों के लिए भविष्य की आवश्यकता है। गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में तकनीक आधारित निगरानी के बिना ट्रैफिक नियंत्रण संभव नहीं है। हालांकि, इसके साथ-साथ लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।

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