6 निकायों में वार्डबंदी पूरी, 3 में आरक्षण तय; पंचकूला में BJP सक्रिय, कांग्रेस निष्क्रिय
हरियाणा में आगामी निकाय चुनावों से पहले वार्ड पुनर्गठन यानी वार्डबंदी की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य के 6 शहरी निकायों में वार्डबंदी का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि इनमें से 3 निकायों में वार्डों का आरक्षण भी तय कर दिया गया है। इस प्रक्रिया को चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार जिन निकायों में वार्डबंदी पूरी हुई है, वहां जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति के आधार पर नए सिरे से वार्डों का निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, महिलाओं और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए वार्ड सुरक्षित किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया से प्रतिनिधित्व में संतुलन आएगा और चुनाव अधिक पारदर्शी होंगे।
हालांकि पंचकूला नगर निगम में वार्डबंदी का मामला अभी अटका हुआ है। यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अपने विधायकों की ड्यूटी लगाई है, ताकि वार्डबंदी से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों को समय रहते सुलझाया जा सके। BJP नेताओं का कहना है कि वे जमीनी स्तर पर लोगों की राय लेकर प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं।
वहीं कांग्रेस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम में पीछे नजर आ रही है और वार्डबंदी को लेकर सक्रियता नहीं दिखा रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचकूला में देरी का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
प्रशासन का कहना है कि पंचकूला में भी जल्द ही वार्डबंदी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद निकाय चुनाव की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।
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