नारनौल फिर बना सबसे ठंडा शहर, हिसार में सामान्य से ज्यादा ठंड
हरियाणा में सर्दी ने अब अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तेज ठंड पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। पारे में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नारनौल लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। वहीं हिसार में तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है।
सुबह और देर रात चल रही तेज ठंडी हवाओं के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। कई इलाकों में पाला जमने से खेतों में खड़ी फसलों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए सिंचाई और धुएं का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर जैसी स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।
नारनौल, हिसार के अलावा रोहतक, भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद और करनाल जैसे जिलों में भी ठंड का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सुबह के समय कोहरे की हल्की चादर भी कई जगह देखने को मिल रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ठंड बढ़ने से बाजारों में गर्म कपड़ों, कंबलों और हीटरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी ठंडी हवाओं के प्रभाव से अभी ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने भी पाले और ठंड को देखते हुए अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
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