वार्षिकोत्सव में 650 विद्यार्थी व 700 महिलाएं सम्मानित

नरेश सिंह बराड़ व ऊषा बराड़ ने आए हुए अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती प्रतीमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों की जानकारी देना हम अभिभावकों के लिए भी उतना ही जरूरी है जितना कि शिक्षकों के द्वारा।

उन्होंने कहा कि यदि समाज के हर वर्ग के लोग बच्चों के हरेक गतिविधियों पर नजर रखे और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाये तो निश्चित रूप से एक सुंदर समाज का निर्माण होगा। आज के समय में खेल का भी उतना ही महत्व है जितना की पढ़ाई में। शिक्षा और खेल अब एक दूसरे के विरोधी नहीं है, बल्कि संतुलित जीवन के लिए अनिवार्य है। जहां शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेल उतना ही जरूरी है जितनी पढ़ाई। अपने संबोधन में चेयरमैन नरेश सिंह बराड़ ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल प्रबंधन दिनरात एक करके मेहनत कर रहा है। बच्चों को उनकी रूचि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूल का प्रयास है कि हर बच्चा बड़ा होकर रोजगार युक्त हो और वह आगे चलकर ओर लोगों को भी रोजगार प्रदान करे। उन्होंने कहा कि आज का यह पूरा समारोह महिलाओं को समर्पित है।

समाज का हर क्षेत्र आज महिलाओं से अछूता नहीं है। हर क्षेत्र में महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सफलतापूर्वक कार्य कर रही है और देश के बड़े-बड़े पदों को सुशोभित कर रही हैं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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