सिरसा महिला थाना धमाका: पंजाब से लाई गई सामग्री और 50 हजार की सौदेबाज़ी का पर्दाफाश

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women police station
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गैंग लीडर ने गांव के युवकों को बनाया साथी

सिरसा महिला थाना परिसर के बाहर हुए धमाके मामले में पुलिस जांच ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती पूछताछ और साक्ष्यों से पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के लिए विस्फोटक सामग्री पंजाब से लाई गई थी। इस पूरे ऑपरेशन में करीब 50 हजार रुपए की डील तय की गई थी, जिसे गैंग के सरगना ने स्वयं संभाला था।

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने अपनी गैंग को मजबूत करने के लिए अपने ही इलाके के कुछ युवकों को साथ जोड़ा था। पुलिस के अनुसार, इन युवकों को लालच देकर और कई मामलों में धमकाकर गिरोह में शामिल कराया गया। गैंग के सरगना ने उन्हें छोटे-छोटे काम देकर धीरे-धीरे अपराध की ओर धकेला और फिर इस बड़े धमाके में भी शामिल कर लिया।

धमाके में इस्तेमाल की गई सामग्री पंजाब के एक सप्लायर से हासिल की गई, जिसकी पहचान भी पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर कर ली है। जांच टीमें अब पंजाब में भी छापेमारी कर रही हैं ताकि सप्लाई चैन को तोड़ा जा सके। अधिकारियों के अनुसार, गैंग का उद्देश्य पुलिस पर दबाव बनाना और अपनी आपराधिक पकड़ को स्थापित करना था।

धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां मकोका और यूएपीए जैसे कठोर प्रावधानों के तहत केस दर्ज करने की तैयारी में हैं। पुलिस ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और वित्तीय लेनदेन के आधार पर गैंग की गतिविधियों की पुष्टि हो रही है।

जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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