टोल से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ता चुना, अनियंत्रित कार तालाब में गिरी; बहन गंभीर घायल
हरियाणा के यमुनानगर जिले में ₹100 का टोल बचाने की कोशिश एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गई। वैकल्पिक रास्ता अपनाने के दौरान कार अनियंत्रित होकर तालाब में जा गिरी, जिससे कार चला रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथ बैठी उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक ने महज 15 दिन पहले ही नई कार खरीदी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी बहन के साथ किसी काम से जा रहा था। रास्ते में टोल प्लाजाविवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, 6 माह की गर्भवती थी आने पर उसने ₹100 का टोल बचाने के लिए कच्चे और संकरे वैकल्पिक मार्ग से जाने का फैसला किया। यह रास्ता तालाब के किनारे से होकर गुजरता है। अंधेरा होने और सड़क की हालत खराब होने के कारण कार अचानक फिसल गई और सीधे तालाब में जा गिरी।
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों ने कार को तालाब में गिरते देखा और तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए तालाब में उतरकर कार का दरवाजा तोड़ा और दोनों को बाहर निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जब तक बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। घायल बहन को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण खराब रास्ता, अंधेरा और तेज रफ्तार हो सकता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का कहना है कि नई गाड़ी की खुशी अभी ठीक से मनाई भी नहीं थी कि यह हादसा हो गया। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि थोड़ी-सी रकम बचाने के लिए असुरक्षित रास्तों का चयन कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
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