लक्ष्य बड़ा लेकिन संसाधनों की कमी से बढ़ी परेशानी, किसानों में असंतोष
यमुनानगर की मंडियों में आज से गेहूं की खरीद प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस बार प्रशासन ने बड़े स्तर पर खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत लाखों मीट्रिक टन अनाज उठाने की योजना बनाई गई है। हालांकि, शुरुआत के साथ ही व्यवस्थाओं की कमी ने किसानों और आढ़तियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मंडियों में पहुंचे किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल लेकर समय पर आ गए, लेकिन जरूरी संसाधनों की उपलब्धता न होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। खासतौर पर पैकिंग के लिए उपयोग होने वाले बारदाने की कमी सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। इसके बिना अनाज की तौल और उठान की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
आढ़तियों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि समय पर बारदाना नहीं पहुंचा, तो खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से नहीं चल पाएगी और मंडियों में भीड़ बढ़ती जाएगी। इससे न केवल किसानों को परेशानी होगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ेगा।
प्रशासन का कहना है कि आपूर्ति से जुड़ी समस्या को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध करवा दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित एजेंसियों को निर्देश दे दिए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस बीच, किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही व्यवस्थाएं सुधरेंगी ताकि उनकी फसल की खरीद बिना किसी देरी के हो सके। हर साल की तरह इस बार भी समय पर खरीद और भुगतान किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, खरीद प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही सामने आई चुनौतियों ने यह साफ कर दिया है कि बेहतर प्रबंधन और समय पर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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