टीचर मनीषा मौत मामला: पंचायत में गूंजा ‘न्याय दो’ का स्वर, जांच पारदर्शी करने की मांग

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टीचर मनीषा मौत मामला
टीचर मनीषा मौत मामला

मनीषा की मौत पर उठे सवाल,

ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

भिवानी जिले की शिक्षिका मनीषा की रहस्यमय मौत मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। गांव में सोमवार को इस घटना को लेकर पंचायत बुलाई गई, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और किसान नेता भी शामिल हुए। पंचायत का मुख्य एजेंडा था—मनीषा की मौत की सच्चाई सामने लाना और परिवार को न्याय दिलाना।

पंचायत के दौरान मनीषा के पिता ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती, उसकी मौत के पीछे कोई गहरी साजिश है। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उनका कहना था कि जब तक सच सामने नहीं आता, परिवार चैन से नहीं बैठेगा।

किसान नेता बलराज सिंह ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मामला है। “अगर किसी निर्दोष बेटी को न्याय नहीं मिलता, तो समाज की आत्मा मर जाती है,” उन्होंने कहा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जांच में देरी न की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि एक समिति बनाई जाएगी, जो पूरे मामले की निगरानी करेगी और उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उचित जांच नहीं हुई, तो वे सामूहिक आंदोलन शुरू करेंगे।

इस बीच, पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि रिपोर्ट में कोई छेड़छाड़ न हो, इसके लिए जांच किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई जाए।

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