सिरसा की पंचायतों का बड़ा फैसला: भिखारियों और पार्सल डिलीवरी पर रोक, बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्ती

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सिरसा (हरियाणा)। सिरसा जिले के कई गांवों की पंचायतों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। हाल के दिनों में बच्चों की किडनैपिंग की अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों की खबरों के बाद पंचायतों ने बाहरी भिखारियों और बिना पहचान वाले पार्सल डिलीवरी करने वालों के गांव में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है।

क्या है पूरा मामला?

गांवों में बीते कुछ समय से अजनबी लोगों की आवाजाही बढ़ने की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोग भिखारी बनकर घर-घर जा रहे थे, वहीं कुछ लोग पार्सल डिलीवरी का बहाना बनाकर जानकारी जुटा रहे थे। बच्चों के अपहरण की अफवाहों ने अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी।

इसी को देखते हुए पंचायतों ने सामूहिक बैठक कर निम्न फैसले लिए—

  • बाहरी भिखारियों का गांव में प्रवेश प्रतिबंधित

  • बिना वैध पहचान पत्र के पार्सल डिलीवरी पर रोक

  • संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना

  • गांव के मुख्य रास्तों पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय

पंचायतों का तर्क

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक सख्ती जरूरी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जिले में किसी बड़े किडनैपिंग गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने में दें।

ग्रामीणों की राय

कुछ ग्रामीण इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं और इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इससे जरूरतमंद भिखारियों और वैध डिलीवरी एजेंटों को परेशानी हो सकती है।

आगे क्या?

पंचायतों ने साफ किया है कि स्थिति सामान्य होने पर फैसले की समीक्षा की जाएगी। फिलहाल गांवों में चौकसी बढ़ा दी गई है और रात में गश्त की भी व्यवस्था की जा रही है।

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