उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसान का भेड़ों के साथ तजुर्बा शुरू

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organic farming
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों उपमंडल के बुढ़ाखेड़ा गांव के जैविक किसान धर्मवीर ढुल ने ऑर्गेनिक गेहूं की खेती में ज्यादा उत्पादन लेने को भेड़ों के साथ नया अनुभव शुरू किया है। धर्मवीर ने उसके गांव के आसपास भेड़ों के साथ उपलब्ध राजस्थान के एक चरवाहे मान सिंह से संपर्क किया और अपनी एक एकड़ धरती पर बिजाई किए हुए मध्य प्रदेश की एक वैरायटी के गेहूं की 40 की फसल में भेड़ों को चरने को छोड़ दिया। उसे उम्मीद है कि गेहूं की फसल की ऐसी स्थिति में भेड़ों को चरने के लिए गेहूं की फसल में छोड़ दें तो गेहूं की पत्तियां खाने का फायदा यह होगा कि गेहूं के पौधों में फुटाव और ज्यादा होगा जिससे पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज होने की उम्मीद है और क्योंकि भेड़ में ज्यादा वजन नहीं होता इससे पौधों को ज्यादा नुकशान भी नहीं होता। उसने बताया कि उसने पिछले दिनों किसी किसान से यह जानकारी ली थी जिसने दावा किया था कि इस तरह इतनी उम्र की गेहूं की फसल को भेड़ों से चरवाने के बाद गेहूं की फसल में फुटाव ज्यादा होती है और फिर उसी अनुसार उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज होती है। धर्मवीर ढुल पिछले 15 वर्ष से ऑर्गेनिक खेती कर रहा है। वह जैविक खेती कर रहे किसानों के संगठन पिल्लूखेड़ा एफपीओ का सक्रिय सदस्य भी है जिसे गन्ना, गेहूं, धान व कई अन्य फसलों का अच्छा ज्ञान है।

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