सफीदों (एस.के. मित्तल): एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रही है। किसानों को चाहिए कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से फसल अवशेषों का प्रबंधन करें।
गांवों का दौरा कर किसानों को किया जागरूक
शुक्रवार को एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने उपमंडल के गांव—
बागड़ू कलां, बागड़ू खुर्द, लुदाना, भम्भेवा, मोरखी, गांगोली, हाट
सहित कई गांवों का दौरा किया और किसानों को राली/पराली जलाने के दुष्परिणाम एवं प्रबंधन के आधुनिक विकल्पों के बारे में जागरूक किया।
इस दौरान उनके साथ तहसीलदार राजेश गर्ग और कृषि विभाग के एसडीओ सुशील कुमार भी मौजूद रहे।
पराली प्रबंधन के लिए मशीनों पर अनुदान
एसडीएम ने बताया कि सरकार द्वारा निम्न मशीनों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है—
- सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम
- रोटावेटर
- जीरो टिल सीड ड्रिल
- हैप्पी सीडर
- श्रेडर
- बेलर
इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक बोझ से बचाना और फसल अवशेषों का खाद व पशु चारे के रूप में उपयोग बढ़ाना है।
ग्राम सचिव व पटवारियों को दिए निर्देश
एसडीएम ने निर्देश दिए कि—
- ग्राम सचिव व पटवारी प्रतिदिन खेतों का निरीक्षण करें
- गांवों में मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जाए
- सरपंचों के माध्यम से हर गांव में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए
उन्होंने बताया कि बीडीपीओ, राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें भी नियमित तौर पर कृषि क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं।
पराली जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी किसान को पराली प्रबंधन में समस्या आती है तो वे अपने संबंधित कृषि अधिकारी से संपर्क कर समाधान प्राप्त करें।
सरकार प्रदूषण रोकने को लेकर गंभीर है और जहां भी पराली जलाने की घटना मिलेगी, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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