कई अस्पतालों में फार्मासिस्टों की अनुपस्थित रहने से दवाइयों का वितरण प्रभावित हुआ
हरियाणा के चार जिलों में अस्पतालों से फार्मासिस्टों के लगातार अनुपस्थित रहने के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। फार्मासिस्टों की इस गैरहाजिरी का सीधा असर अस्पतालों में दवाइयों के वितरण और आपूर्ति पर पड़ा है। मरीजों को समय पर दवाएं न मिलने से स्थितियां कई बार गंभीर तक हो जाती हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही इस गड़बड़ी को लेकर डीजी हेल्थ ने संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की अनुपस्थिति एक गंभीर लापरवाही मानी जाएगी, क्योंकि दवा वितरण प्रणाली उनके बिना व्यवस्थित रूप से नहीं चल सकती।
सूत्रों के मुताबिक, कई अस्पतालों में लंबे समय से फार्मासिस्ट या तो बिना अनुमति के अनुपस्थित हैं या फिर समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचते, जिससे रोगियों को दवाएं लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कुछ अस्पतालों में दवाइयों के रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं सामने आई हैं।
स्थिति को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला औषधि भंडार के प्रभार में बदलाव किए हैं। नई टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दवा आपूर्ति चेन को सुचारू रूप से चलाएं और अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों को समय पर उपचार और दवाइयों की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में इस प्रकार की अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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