आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण की नई पहल, सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

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Driving Training Center

रीजनल ट्रेनिंग हब की ओर कदम, ड्राइवरों के कौशल विकास पर फोकस

चंडीगढ़ में सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग कौशल को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। प्रशासन ने यहां एक रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस केंद्र के लिए करीब 4 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है और इसके संचालन के लिए निजी संस्थाओं से आवेदन भी मांगे गए हैं। यह सेंटर न केवल नए ड्राइवरों को प्रशिक्षण देगा, बल्कि व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए भी उन्नत ट्रेनिंग का केंद्र बनेगा।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बढ़ते सड़क हादसों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस ट्रेनिंग सेंटर में ड्राइवरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें सिम्युलेटर आधारित ड्राइविंग, ट्रैफिक नियमों की व्यावहारिक समझ, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीके और सड़क सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक पाठ शामिल होंगे।

यह केंद्र क्षेत्रीय स्तर पर काम करेगा, जिससे चंडीगढ़ के साथ-साथ आसपास के जिलों और राज्यों के ड्राइवर भी यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे। खास तौर पर बस, ट्रक, टैक्सी और अन्य कमर्शियल वाहनों के चालकों को यहां विशेष मॉड्यूल के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न केवल उनकी ड्राइविंग क्षमता सुधरेगी, बल्कि यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सेंटर का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर किया जा सकता है। इच्छुक निजी संस्थाओं को तय मानकों के अनुसार आवेदन करना होगा। चयनित संस्था को बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षकों और तकनीकी सुविधाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि प्रशासन निगरानी और नीति निर्धारण का काम करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रेनिंग सेंटर से ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी। प्रशिक्षण के बाद ही ड्राइवरों को प्रमाणन मिलने से सड़कों पर अनुशासन बढ़ेगा। चंडीगढ़ में प्रस्तावित यह सेंटर भविष्य में एक मॉडल के रूप में उभर सकता है, जिसे अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकेगा।

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