सूचना पर पहुंची पुलिस, न गोली के निशान मिले न खोखा
रेवाड़ी में देर रात फायरिंग की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं और संबंधित गांव की ओर रवाना हुईं। रात के अंधेरे में इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी पुलिस को न तो फायरिंग के कोई निशान मिले और न ही कोई खोखा बरामद हो सका। आखिरकार पुलिस टीमों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि गांव में गोली चलने की आवाज सुनी गई है। एहतियातन पुलिस ने आसपास के रास्तों पर नाकाबंदी की और संदिग्धों की तलाश की। गांव में मौजूद लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन किसी ने फायरिंग की प्रत्यक्ष पुष्टि नहीं की। मौके पर जांच के दौरान किसी प्रकार की क्षति या गोली लगने के प्रमाण नहीं मिले।
जांच में यह बात सामने आई कि गांव में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के दौरान शोर-शराबा हुआ, जिसे फायरिंग समझ लिया गया। हालांकि, पुलिस इस संभावना को भी खंगाल रही है कि डर या दबाव बनाने के लिए अफवाह फैलाई गई हो।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और कानून-व्यवस्था को लेकर कोई खतरा नहीं है। फिर भी, एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो। दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश की जा रही है और विवाद के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस को दें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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